कोरोना पर गुड न्यूज, एक और वैक्‍सीन का ट्रायल बंदरों पर रहा कारगर


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जानकारों की मानें तो कोविड-19 वैक्‍सीन के लिए भारत अब मल्‍टीलैटरल मेकेनिज्‍म की तरफ देख रहा है। वहीं स्‍वदेशी वैक्‍सीन के क्लिनियल ट्रायल पर काम चल रहा। फिलहाल भारत ने अभी तक किसी लीडिंग वैक्‍सीन डेवलपर से सीधे तौर पर बातचीत नहीं की है। ऐसे में खबर है कि नीदरलैंड्स और अमेरिका में एक वैक्‍सीन के ट्रायल में बड़ी सफलता हाथ लगी है।

कोरोना वैक्‍सीन की एक सिंगल डोज से बंदरों में वायरस के संक्रमण को पूरी तरह रोकने में सफलता मिली है। वैक्‍सीनेशन के बाद लगभग सभी बंदरों में ऐंटीबॉडीज बनीं। जब कोविड—19 के वायरस से बंदरों का सामना कराया गया तो सभी बंदरों के फेफड़ों में इन्‍फेक्‍शन नहीं हुआ। छह बंदरों में से पांच की नाक में भी वायरस का इंफेक्शन नहीं दिखा।

नेचर जर्नल में प्रकाशित एक स्‍टडी रिपोर्ट के मुताबिक ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी और अस्‍त्राजेनेका की वैक्‍सीन बंदरों को कोरोना संक्रमण से बचाने में सफल रही है। इसी जर्नल की एक और स्‍टडी के अनुसार जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्‍सीन ने भी इसी तरह के परिणाम दिए हैं। हालांकि इन दोनों वैक्‍सीनों का इंसानों पर ट्रायल चल रहा है।

जानकारी के मुताबिक ऑक्‍सफर्ड की वैक्‍सीन जहां फेज 3 ट्रायल से गुजर रही है, वहीं जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्‍सीन फेज 1 और 2 में है। इससे पहले मॉडर्ना की वैक्‍सीन का बंदरों पर किए गए ट्रायल के नतीजे भी बेहतरीन रहे थे। कुल मिलाकर अब तक चार वैक्‍सीन ऐसी रही हैं जिन्‍होंने बंदरों में पूरी तरह कोरोना इन्‍फेक्‍शन को रोकने में कारगर साबित हुई हैं।


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vikas

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